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Current Affairs in For Upsssc VDO Exam : Best GS Coaching in Lucknow

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*करेंट अफेयर्स* 
• वह शहर जो 100वें स्मार्ट सिटी के रूप में चुना गया है- *शिलांग*
• योग के प्रोत्साहन और विकास में असाधारण योगदान हेतु व्यक्तिगत श्रेणी में वर्ष 2018 का प्रधानमंत्री पुरस्कार जिसे प्रदान किया गया- *विश्वास मांडलिक*
• विश्व शरणार्थी दिवस मनाया जाता है- *20 जून*
• जिस राज्य सरकार ने राज्य भर में हरित कवर बढ़ाने हेतु स्मार्टफोन एप्लीकेशन ‘आई-हरियाली’ लॉन्च किया है- *पंजाब*
• एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक स्कोर बनाने का रिकॉर्ड जिस देश की टीम के नाम बन गया है- *इंग्लैंड*
• वर्ष 2018 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक ही समय में एक ही स्थान पर योग करने वाले लोगों की सबसे बड़ी संख्या के लिए इस शहर ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है – *कोटा*
• संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार 2016 में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण विश्व भर में इतने लोगों की मौत हुई है – *42 लाख*
• वह राज्य जिसने हाल ही में अपशिष्ट जल को ट्रीट करके पीने लायक बनाने की घोषणा की – *दिल्ली*
• वह राज्य जहां विश्व का पहला मानवतावादी फोरेंसिक केंद्र आरंभ हुआ – *गुजरात*
• भारतीय वैज्ञानिकों के एक दल ने हाल ही में इस ग्रह के आकार के एक एक्सोप्लानेट की खोज की – *शनि*
• जिस हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग के अलावा सभी वॉटर स्पोर्ट्स के नियमन को लेकर 2 हफ्ते में नीति बनाने का निर्देश दिया है और नीति निर्धारण तक राज्य में इन पर रोक लगा दी है- *उत्तराखंड हाईकोर्ट*
• कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने एसबीआई के एमडी बी. श्रीराम को जिस सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के सीईओ एवं एमडी के रूप में 3 महीने के लिए अस्थाई तौर पर अतिरिक्त प्रभार सौंपा है- *आईडीबीआई बैंक*
*भारत ने अमेरिका के 29 उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाया*
भारत ने अमेरिकी कारोबारी कार्रवाई का जवाब देते हुए बादाम, अखरोट, सेब, काला चना और मसूर सहित 29 वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है. इससे अमेरिका से आयातित ये वस्तुएं देश में महंगी हो जाएंगी.

वित्त मंत्रालय का कहना है कि बढ़ा हुआ आयात शुल्क चार अगस्त से प्रभावी होगा. श्रिम्प (मछली) की एक किस्म आर्टेमिया पर शुल्क बढ़ाकर 30 प्रतिशत किया गया है. जिन अन्य उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है, उनमें कई प्रकार के नाशपाती, स्टील ट्यूब और पाइप फिटिंग जैसे उत्पाद शामिल हैं.

*गुजरात में विश्व का पहला मानवतावादी फोरेंसिक केंद्र आरंभ हुआ*

विश्व का पहला अंतर्राष्ट्रीय मानवतावादी फोरेंसिक केंद्र 20 जून 2018 को गुजरात के गांधीनगर में आरंभ हुआ. यह भारत, भूटान, नेपाल और मालदीव और गुजरात फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति के क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल का संयुक्त उद्यम है.

यह उत्कृष्टता केंद्र है जो मानवतावादी सेवाओं के लिए फोरेंसिक का उपयोग करेगा. इसका उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर देश और दुनिया की सेवा करना है. इनके लॉन्च होने के बाद मानवतावादी फोरेंसिक पर एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया.

*दिल्ली में सात सरकारी कॉलोनियों के पुनर्विकास से तीन गुणा हरित क्षेत्र कवरेज बढ़ेगा*

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के अनुसार, दिल्ली में सात सरकारी कॉलोनियों के पुनर्विकास से लगभग तीन गुणा हरित क्षेत्र कवरेज बढ़ेगा. सात कॉलोनियों-नौरोजी नगर, नेताजी नगर, सरोजिनी नगर, मोहम्मदपुर, श्रीनिवासपुरी, कस्तूरबा नगर तथा त्यागराज नगर के पुनर्विकास से मौजूदा हरित क्षेत्र से तीन गुणा अधिक हरित क्षेत्र कवरेज बढ़ेगा.

इन सात कॉलोनियों का पुनर्विकास पर्यावरण मानकों का पालन करते हुए तथा हरित भवन की अवधारणा के अनुरूप किया जा रहा है और इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि अधिक से अधिक संख्या में मौजूदा पेड़ बने रहें. पेड़ों की क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण 1:10 के हिसाब से पूरक रूप में पेड़ लगाए जाएंगे, जिससे पेड़ कवरेज क्षेत्र में वृद्धि होगी.

*भारतीय वैज्ञानिकों ने उप-शनि जैसे एक ग्रह की खोज की*

भारतीय वैज्ञानिकों के एक दल ने हाल ही में उप-शनि अथवा सुपर-नेप्च्यून आकार के एक एक्सोप्लानेट की खोज की. यह खोज अहमदाबाद स्थित भौतिक शोध प्रयोगशाला (पीआरएल) के वैज्ञानिकों की टीम ने की है.

खोज करने वाले दल का नेतृत्व वैज्ञानिक अभिजीत चक्रवर्ती ने किया. इस ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी के द्रव्यमान के लगभग 27 गुना एवं पृथ्वी की त्रिज्या से छह गुना अधिक बड़ी है.

*प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाणिज्य भवन का शिलान्यास किया*

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जून 2018 को दिल्ली के अकबर रोड में वाणिज्य भवन के नए कार्यालय परिसर की आधारशिला रखी. इस नए कार्यायलय भवन का निर्माण इंडिया गेट के समीप 4.33 एकड़ के एक भूखंड पर किया जा रहा है.

इस इमारत में करीब 1,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की जगह होगी और यह पर्यावरण अनुकूल इमारत होगी. साथ ही यह डिजिटल प्रणाली और वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग जैसी सुविधाएं होंगी.

*वायु प्रदूषण से 2016 में 42 लाख लोगों की मौत: संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट*
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही में जारी की गई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2016 में वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण विश्व भर में 42 लाख लोगों की मौत हुई है. यह वायु प्रदूषण विभिन्न स्रोतों से हुआ तथा विभिन्न प्रकार की जटिलताओं से लोगों की मौत हुई.

न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में वर्ष 2018 की सतत विकास लक्ष्यों की रिपोर्ट लॉन्च की गई. इस रिपोर्ट में वर्ष 2016 की समस्याओं के बारे में बताया गया.

संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट मुख्य बिंदु

• रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2016 में 91% शहरी आबादी जिस हवा में सांस ले रही थी, उसकी गुणवत्ता विश्व स्वास्थ्य संगठन के वायु गुणवत्ता दिशानिर्देशों पर खरी नहीं उतरती.

• रिपोर्ट के अनुसार 95 प्रतिशत आबादी दूषित हवा में सांस लेने को मजबूर है और वैश्विक स्तर पर होने वाली मौतों में 50 प्रतिशत चीन और भारत उत्तरदायी हैं.

• चीन में वायु प्रदूषण कम करने के प्रयास किये गये लेकिन भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में वायु प्रदूषण के स्तर में लगातार वृद्धि हुई है.

• वर्ष 2000 और 2014 के बीच झुग्गियों में रहने वाली वैश्विक शहरी आबादी का अनुपात 28.4 प्रतिशत से घटकर 22.8 प्रतिशत हो गया, लेकिन झुग्गियों में रहने वाले लोगों की वास्तविक संख्या 80.7 करोड़ से बढ़कर 88.3 करोड़ हो गई.

• वायु प्रदूषण का कारण तेजी से हो रहा शहरीकरण भी बताया गया है जिसके चलते शहरों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.

इससे पहले यूनिसेफ की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि वायु प्रदूषण के संकट से लाखों भारतीय बच्चे प्रभावित हो रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक दक्षिण एशिया में वायु प्रदूषण के कारण एक साल से कम उम्र के करीब 1.22 करोड़ बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित हो सकता है. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि प्रदूषणकारी तत्वों से दिमाग के ऊतक क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और संज्ञानात्मक विकास कमतर हो सकता है.

2.5 मानक स्तर

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रदूषण मापने के लिए पीएम स्तर 2.5 को मानक बनाया है जिसके आधार पर विश्व भर में वायु प्रदूषण का स्तर तय किया जाता है. पीएम 2.5 हवा में फैले अति सूक्ष्म खतरनाक कण हैं. 2.5 माइक्रोग्राम से छोटे इन कणों को पर्टिकुलेट मैटर 2.5 या पीएम 2.5 कहा जाता है. प्रत्येक क्यूबिक मीटर हवा में पीएम 2.5 कणों के स्तर के आधार पर प्रदूषण का आकलन किया जाता है. लंबे समय तक पीएम 2.5 के संपर्क में रहने से फेफड़े के कैंसर, हृदयाघात और हृदय से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है.

हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार, वायु प्रदूषण से प्रत्येक वर्ष विश्व में 70 लाख लोगों की असमय मृत्यु होती है, इसमें लगभग तीन लाख मौतें बाहरी वायु प्रदूषण के कारण होती हैं.

2.5 मानक स्तर

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रदूषण मापने के लिए पीएम स्तर 2.5 को मानक बनाया है जिसके आधार पर विश्व भर में वायु प्रदूषण का स्तर तय किया जाता है. पीएम 2.5 हवा में फैले अति सूक्ष्म खतरनाक कण हैं. 2.5 माइक्रोग्राम से छोटे इन कणों को पर्टिकुलेट मैटर 2.5 या पीएम 2.5 कहा जाता है. प्रत्येक क्यूबिक मीटर हवा में पीएम 2.5 कणों के स्तर के आधार पर प्रदूषण का आकलन किया जाता है. लंबे समय तक पीएम 2.5 के संपर्क में रहने से फेफड़े के कैंसर, हृदयाघात और हृदय से जुड़ी अन्य बीमारियों के होने का खतरा रहता है.

हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट्स के अनुसार, वायु प्रदूषण से प्रत्येक वर्ष विश्व में 70 लाख लोगों की असमय मृत्यु होती है, इसमें लगभग तीन लाख मौतें बाहरी वायु प्रदूषण के कारण होती हैं.

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